रथ यात्रा जगन्नाथ पुरी उड़ीसा
- सनातन धर्म में जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है ।
इस रथ यात्रा में देश विदेश से लोग जगन्नाथ महाप्रभु के रथों को खींचने आते है ।इस रथ यात्रा में महाप्रभु जगन्नाथ ,भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलते है।और गुंडिचा मंदिर जाते है। यह वही मंदिर है। जहाँ विश्वकर्मा जी में तीनो देव प्रतिमाओं का निर्माण किया था ।
रथ यात्रा के समय सारा आकाश जय जगन्नाथ के नारो से गूंज उठता है । ईस रथ यात्रा में पारंपरिक ,सांस्कृतिक , धार्मिक सहिष्णुता का समन्वय देखने को मिलता है ।
🚩स्कन्द पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि रथ-यात्रा में जो व्यक्ति श्री जगन्नाथ जी के नाम का कीर्तन करता हुआ गुंडीचा नगर तक जाता है वह पुनर्जन्म से मुक्त हो जाता है। जो व्यक्ति श्री जगन्नाथ जी का दर्शन करते हुए, प्रणाम करते हुए मार्ग के धूल-कीचड़ आदि में लोट-लोट कर जाते हैं वे सीधे भगवान श्री विष्णु के उत्तम धाम को जाते हैं। जो व्यक्ति गुंडिचा मंडप में रथ पर विराजमान श्री कृष्ण, बलराम और सुभद्रा देवी के दर्शन दक्षिण दिशा को आते हुए करते हैं वे मोक्ष को प्राप्त होते हैं।
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