रथ यात्रा उड़ीसा

  • भारत के उड़ीसा राज्य के समुद्र तटवर्ती शहर पुरी में भगवान जगन्नाथ अर्थात श्रीकृष्ण को समर्पित श्री जगन्नाथ मंदिर को हिन्दुओं के चार धामों में से एक माना जाता है।
  •  जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत अर्थात ब्रह्माण्ड के स्वामी होता है। इस जगत के स्वामी की नगरी ही जगन्नाथपुरी अथवा पुरी कहलाती है। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। और मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा मुख्य देव के रूप में स्थापित हैं।   
  • पौराणिक मान्यता के अनुसार जगन्नाथ प्रभु के दर्शन के लिए जाते समय हम सभी को अरुणा खंभा को सर्वप्रथम नमस्कार करना चाहिए क्योंकि यह सूर्य भगवान के सारथी है। 

जगन्नाथ मंदिर और सामने अरुणा खंबा के दर्शन करें।  


  • सनातन धर्म में चार सबसे बड़े धाम बताए गए हैं जो हमारे देश की चारों दिशाओं में बसे हैं। उत्तर दिशा में बदरीनाथ हैं, दक्षिण दिशा में रामेश्वरम, पश्चिम में द्वारिका और पूर्व में जगन्नाथ पुरी। ऐसी मान्यता है कि इन चारों धामों में भगवान का साक्षात् वास है और इनके दर्शन से कई जन्मों के पाप-ताप दूर हो जाते हैं और मुक्ति की प्राप्ति होती है। 
  • पौराणिक मान्यता है जब भगवान विष्णु अपने  चार धाम  यात्रा पर निकलते हैं ।  तब भगवान विष्णु हिमालय में बने अपने धाम बद्रीनाथ में स्नान करते हैं । पश्चिम में गुजरात क़े द्वारिका में कपड़े पहनते हैं । भगवान विष्णु जगन्नाथ पुरी में भोजन करते हैं । और दक्षिण भारत क़े रामेश्वरम में विश्राम करते हैं । भगवान विष्णु जगत क़े पालनहार हैं। 
  • द्वापर क़े बाद भगवान  विष्णु के आठवें अवतार  भगवान श्री कृष्ण पुरी में निवास करने लगे ,और बन गए जगत क़े नाथ महाप्रभु जगन्नाथ।  पुरी का जगन्नाथ धाम चार धामों में एक हैं । यहां भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र  और बहन सुभद्रा क़े साथ निवास करते हैं । हिंदू धर्म क़े जुड़े प्रत्येक ब्यक्ति को जीवन में एक बार तो महाप्रभु जगन्नाथ क़े दर्शन करने चाहिए , जगन्नाथ पुरी की रथयात्रा विश्व प्रसिद्ध है रथयात्रा से बहुत धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं। 

  • मैं आपको अगली पोस्ट में रथयात्रा से जुड़ी  कुछ विशेष जानकारियां उपलब्ध कराऊंगा। जय जगन्नाथ 

  • जगन्नाथ धाम की कुछ झलकियां 




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